Sunday, January 17, 2016
Invitation
सम्माननीय नमस्कार,
जिला प्रशासन की पहल पर डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर स्थित गेपसागर झील में लगातार तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले ‘डूंगरपुर बर्डफेयर, 2015’ में आपकी उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है। दिनांक 23 जनवरी, 2016 को आयोजित इस एकदिवसीय बर्डफेयर में विद्यार्थियों के लिए बर्डवॉचिंग, क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसी प्रकार देश-प्रदेश से आने वाले बर्डवॉचर्स, वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर्स और आमजनों के लिए बर्डवॉचिंग के साथ ‘ऑन द स्पॉट बर्ड फोटोग्राफी’ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। बर्डफेयर स्थल पर वागड़ अंचल में पाए जाने वाले पक्षियों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का आयोजन होगा।
आपसे निवेदन है कि बर्डफेयर में पधारें और हमारा उत्साहवर्धन करें।
आपकी उपस्थिति हमारे लिए गौरव का विषय होगी।
आप यदि डूंगरपुर पधारें तो कृपया अपनी यात्रा के संबंध में निम्न मोबाईल नम्बर अथवा ईमेल आईडी पर हमें सूचित करें ताकि तदनुरूप व्यवस्थाएं की जा सकें।
आपके आगमन की प्रतीक्षा में ।
(जिला प्रशासन, डूंगरपुर)
संपर्क -
कमलेश शर्मा, 9414111123
वीरेन्द्रसिंह बेड़सा, 9414723787
ईमेल आईडी - dungarpurbirds@gmail.com
May visit us :
Blog - http://dungarpurbirds.blogspot.in/
Facebook - https://www.facebook.com/groups/612729865433494/
Sunday, December 21, 2014
डूंगरपुर की गेपसागर झील पर खूब जमा परिंदों का मेला
प्रदेशभर के एक्सपर्ट्स और विद्यार्थियों ने उठाया लुत्फ
डूंगरपुर, 21 दिसंबर/जिले की समृद्ध नैसर्गिक संपदा से देश-प्रदेश को रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से गेपसागर झील पर रविवार को आयोजित ‘डूंगरपुर बर्ड फेयर 2014’ में बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शहरवासी उमड़े तथा पक्षियों की जलक्रीड़ाओं को देखने का लुत्फ उठाया।
जिला प्रशासन, यूनिसेफ व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शहर की शान गेपसागर झील के पूर्वी छोर पर शिवपुरा गांव की तरफ आयोजित इस बर्डफेयर में जहां बर्डवॉचिंग की धूम रही वहीं पक्षियों से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं तथा प्रदर्शनी के माध्यम से परिंदों और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रतिध्वनित हुआ। बड़ी संख्या में देश-प्रदेश के बर्डवाचर्स, फोटोग्राफर और पर्यावरण प्रेमी भी इस मेले में पहुंचे और पक्षियों के प्रति अपने लगाव को प्रदर्शित किया।
बर्डफेयर के तहत जिला कलक्टर इंद्रजीत सिंह, उदयपुर जिला परिषद सीईओ नेहा गिरि, उपखण्ड अधिकारी सिद्धार्थ सिहाग, बांसवाड़ा उपखण्ड अधिकारी रूकमणी रियाड, अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपति महावर, जिला परिषद सीईओ परशुराम धानका, समाजसेवी शंकरसिंह सोलंकी, जिला प्रमुख भगवतीलाल रोत, नगरपरिषद सभापति सुशीला भील, शिक्षाविद् हीरालाल भील, समाजसेवी प्रकाश पंचाल, बदामीलाल वखारिया, रफीक अहमद कंधारी, राजेन्द्र उपाध्याय सहित कई विशिष्टजन भी पहुंचे और यहां पर बर्डवॉचिंग करते हुए प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
उदयपुर के सुखाडि़या विश्वविद्यालय के शौधार्थियों और वन विभाग के कर्मचारियों का एक दल भी डूंगरपुर पहुंुचा जिन्हें जिले के अन्य जलाशयों पर बर्डवाचिंग करवाई गई।
जिला कलक्टर इंद्रजीत सिंह बर्डवाचिंग करते हुए
डूंगरपुर एसडीओ सिद्धार्थ सिहाग बर्डवाचिंग करते हुए
उदयपुर के सुखाडि़या विश्वविद्यालय के शौधार्थियों और वन विभाग के कर्मचारियों का एक दल भी डूंगरपुर पहुंुचा जिन्हें जिले के अन्य जलाशयों पर बर्डवाचिंग करवाई गई।
एक्सपर्ट्स ने दिखाए परिंदों के रंग:
इस कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से बायनाकूलर्स और स्पोटिंग स्कॉप मंगवाये गए थे जिनके माध्यम से एक दर्जन से अधिक विशेषज्ञों ने जिले के 20 विद्यालयों के छः सौ से अधिक विद्यार्थियों व आमजनों को रंग-बिरंगे पक्षियों और उनकी जलक्रीड़ाओं को दिखाया। आज इस कार्यक्रम दौरान अजमेर से डॉ. विवेक शर्मा, राकेश कुमावत, आशीष जांगिड़, अर्जुनसिंह सोलंकी, दिनेश मीणा, ओमवीर धवल, ओमवीर यादव, सुरेन्द्र शर्मा, उदयपुर से प्रीति मुरडि़या, केवलादेव पार्क भरतपुर से जतनसिंह और श्रीचंद, रोम इण्डिया के जयकांत सैनी, दीपक सैनी, नारायणसिंह खरवर व दिल्ली के भारतभूषण शर्मा, सागवाड़ा के मुकेश पंवार, वीरेन्द्रसिंह बेड़सा, रजत मोरीसन, वन्दना सोलोमन आदि ने विद्यार्थियों व आमजन को बर्डवाचिंग करवाई।
बर्ड फेयर में नौनिहालों को पक्षीदर्शन कराने पहुंचे एक्सपर्ट़स का दल
खतरे के निकट पक्षी भी दिखा:
बर्डफेयर के दौरान ब्लेक टेल गॉडविट नामक खतरे के निकट घोषित पक्षी की भी उपस्थिति दर्ज की गई। पहली बार इस पक्षी के यहां देखे जाने पर पक्षी विशेषज्ञों ने खुशी जताई। इस दौरान विद्यार्थियों को 60 प्रजातियों के पक्षियों को देखने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्रदर्शनी के प्रति रहा आकर्षण:
इस मौके पर यहां पर एक विशाल प्रदर्शनी भी आयोजित की गई थी जिसमें जिले में पाए जाने वाले विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के फोटोग्राफ्स सम्मिलित किए गए थे। इसके अलावा इस प्रदर्शनी में वागड़ अंचल में पाई जाने वाली तितलियों के बारे में भी सागवाड़ा के मुकेश पंवार द्वारा लिए गए फोटोग्राफ की एक प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। इस प्रदर्शनी को विद्यार्थियों के साथ आमजनों व अतिथियों ने भी देखा व इसकी सराहना की। बर्डवॉचिंग स्थल पर ही पक्षियों से संबंधित क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साह से हिस्सा लियज्ञ।
टेटू बनवाने उमड़े विद्यार्थी:
टेटू के प्रति बच्चों के आकर्षण को देखते हुए बर्डफेयर के तहत बच्चों के चेहरों पर पक्षियों के टेटू उकेरते हुए फेस पेंटिंग एक्टिविटी भी करवाई गई। इसके लिए उदयपुर से पहुंचे एक्सपर्ट व ख्यातनाम चित्रकार निर्मल यादव के नेतृत्व में चित्रकारों के दल ने दिनभर बच्चों व अन्य ईच्छुक लोगों के चेहरों व हाथों पर पक्षियों के टेटू उकेरे।
परिंदों की फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ:
कार्यक्रम दौरान विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से डार्क रूम बनवाते हुए पक्षियों पर आधारित फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म में पक्षियों द्वारा प्रकृति में की जाने वाली अटखेलियों व उनके कलरव को दिखाया गया था। फिल्म का संचालन धु्रव साद व लव व्यास द्वारा किया गया जिसके प्रति दिनभर आकर्षण रहा।
मुस्तैद रही व्यवस्थाएं:
बर्डफेयर दौरान नोडल अधिकारी एडीएम अशोक कुमार व एसडीओ सिद्धार्थ सिहाग के निर्देशन में आयुक्त नगरपरिषद भेमाराम सेनी, तहसीलदार डायालाल पाटीदार, जिला शिक्षा अधिकारी आभा मेहता, सहायक वन संरक्षक धनपतसिंह, सांख्यिकी अधिकारी पुनीत शर्मा, रसद विभाग के मनीष भटनागर, वीरेन्द्र सिंह बेडसा, युनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत, पद्मेश गांधी, धीरज टेलर, विपीन पण्ड्या, धु्रव साद, भूपेन्द्रसिंह देवला, रोडवेज के मदनसिंह चौहान व प्रवीणसिंह राव, नगरपरिषद निरीक्षक रामसिंह राजावत आदि विभिन्न व्यवस्थाओं को मुस्तैदी से संभाले हुए थे।
फोटो केप्शन: डूंगरपुर/रविवार को गेपसागर झील पर आयोजित हुए बर्डफेयर के तहत विभिन्न गतिविधियों के दृश्य।
Thursday, April 10, 2014
Dungarpur BIrd Fair Day Second Event & Photographs
डूंगरपुर बर्ड फेयर की धूम थमी
दो दिवसीय ‘परिंदों का मेला’ संपन्न
डूंगरपुर, 22 दिसंबर/जिले की समृद्ध नैसर्गिक संपदा से देश-प्रदेश को रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से जिला कलक्टर विक्रम सिंह की पहल पर वन विभाग, यूनिसेफ, पर्यटन विभाग तथा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के संयुक्त तत्वावधान में शहर की शान गेपसागर झील पर शनिवार से शुरू हुए विशाल बर्डफेयर की धूम आज दिनढले थमी। दो दिवसीय इस मेले के दूसरेे दिन देश-प्रदेश के सैकड़ों की संख्या में शहरवासी व आसपास के जिलों के निवासियों ने बर्डएक्सपर्ट्स की मौजूदगी में परिंदों की रंगीन दुनिया को निहारा।
ऑपन टू ऑल में उमड़े शहरवासी:
बर्डफेयर का दूसरा दिन ‘ऑपन टू ऑल’ था और इस कारण बड़ी संख्या में शहरवासी परिवारजनों सहित शिवपुरा के समीप से गेपसागर झील के पिछले हिस्से में पहुंचे और बर्डवॉचिंग का लुत्फ उठाया। आज सुबह सात बजे से ही लोगों का यहां पर पहुंचना प्रारंभ हो गया था जो अपराह्न साढ़े तीन बजे तक जारी था। लोगों ने यहां पर प्रशासन की ओर से विशेष रूप से स्थापित बायनाकूलर्स और स्पोटिंग स्कॉप की मदद से पक्षियों की जलक्रीड़ाओं को देखा। बर्डफेयर के आयोजन की जानकारी मिलने के बाद न सिर्फ जिला मुख्यालय अपितु जिले के सागवाड़ा, आसपुर, सीमलवाड़ा, चितरी और गलियाकोट आदि कस्बों से भी लोग पहुंचे और बर्डवॉचिंग का आनंद उठाया। परिंदों में रूचि रखने वाले गलियाकोट निवासी आठवीं कक्षा का विद्यार्थी संयम पंचोली अपने पापा अनिल पंचोली के साथ गेपसागर पहुंचा और पक्षियों को देखकर अभिभूत हो उठा। बर्डफेयर के पहले दिन के आनंद से उत्साहित नगरपरिषद सभापति सुशीला भील खेरवाड़ा से पहुंचे अपने पोते के साथ आज दोबारा गेपसागर पहुंची और बर्डवॉचिंग की। शहरवासियों के उमड़े हुजूम को देखते हुए बर्डफेयर मुख्य समन्वयक जिला कलक्टर विक्रम सिंह, उप समन्वयक पीआरओ कमलेश शर्मा, सहायक समन्वयक वीरेन्द्रसिंह बेड़सा, सहयोगी सिंधु बिनुजीत आदि दिनभर गेपसागर पर रहे और व्यवस्थाएं देखी।
उदयपुर से दो बसें भरकर पहुंचे लोग:
बर्डफेयर में भाग लेने के लिए उदयपुर से सैन्य अधिकारियों और उनके परिवारजनों का दल पहुंचा और यहां पर बर्डवॉचिंग के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सैन्य अधिकारियों ने भी बर्डवॉचिंग का लुत्फ उठाया तथा प्रदर्शनी में रंग-बिरंगे पक्षियों के फोटोग्राफ देखकर अभिभूत हो उठे।
...अब तो ध्यान से देखना पड़ेगा पक्षियों को:
जिला पुलिस अधीक्षक प्रसन्न कुमार खमेसरा ने भी आज बर्डवॉचिंग के साथ यहां पर लगी प्रदर्शनी को देखा और जिले की नैसर्गिक विरासत की तारीफ की। जिला कलक्टर विक्रम सिंह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन करते वक्त एसपी खमेसरा हॉर्नबिल पक्षी के चित्र को देखकर उत्सुक दिखे तो बर्डफेयर के सह समन्वयक वीरेन्द्रसिंह बेड़सा ने इस पक्षी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पक्षी उनके बंगले में स्थित पेड़ों पर भी पाया जाता है तो एसपी खमेसरा बड़े आश्चर्यचकित हुए और कहा कि तो अब इस पक्षी को ध्यान से देखना पड़ेगा।
गांवों में भी रही बर्डवॉचिंग की धूम:
दो दिवसीय बर्डफेयर में भाग लेने के लिए देश-प्रदेश से यहां पहुंचे बर्डवॉचर्स व बर्डएक्सपटर््स को रविवार को जिले के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करवाया गया और विभिन्न जलाशयों पर भांति-भांति के परिंदों की उपस्थिति की जानकारी दी गई। आज अल सुबह से ही सभी बर्डवॉचर्स व फोटोग्राफर्स अलग-अलग जलाशयों के लिए रवाना हो गए। बर्डवॉचर्स ने आज शहर के साबेला जलाशय के साथ ही माथुगामड़ा, झाकोल, रणसागर, पूंजपुर, नवलश्याम, सूरी, वाड़ा हथाई, खेमपुर आदि गांवों के तालाबों के साथ सोम कमला आंबा बांध के जलभराव क्षेत्रों, सागवाड़ा के गमरेश्वर तालाब व गलियाकोट के माही-कडाणा बैकवाटर क्षेत्रों का दौरा किया। उदयपुर से आए टलोन बर्डवॉचर्स समूह के शरद अग्रवाल और अमित गुप्ता के नेतृत्व में दो दलों ने माथुगामड़ा, बोड़ीगामा, सरोदा, सामलिया, वरसिंगपुर आदि के तालाबों में बर्डवॉचिंग का लुत्फ उठाया। इधर, अहमदाबाद के वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर्स कंदर्भ काटजू और एमके हर्षवर्धनसिंह ने सागवाड़ा क्षेत्र के गामड़ा, बाईतालाब और वरसिंगपुर तालाबों बर्डवॉचिंग व फोटोग्राफी की। इस दौरान बर्डवॉचर मुकेश पंवार, इलेश शर्मा, पंकज स्वर्णकार, नवनीत पंचाल और वीरेन्द्र गोवाड़िया साथ में थे।
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डॉ. रहमानी ने ली बर्ड सेन्सस तकनीक पर कार्यशाला
बर्डवॉचिंग, संरक्षण और गणना के तरीकों पर दिनभर हुई चर्चा
फोटो संलग्न
डूंगरपुर, 22 दिसंबर/ बोम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के डायरेक्टर डॉ. असद रहमानी ने रविवार को जिला परिषद के ईडीपी सभागार में एक वर्कशॉप लेकर पक्षियों की प्रजातियों, उनकी वर्तमान स्थितियों और इनके संरक्षण की दिशा में किए जाने वाले प्रयासों के बारे में जानकारी दी।
आज प्रातः इस कार्यशाला का शुभारंभ जिला कलक्टर विक्रम सिंह, मुख्य वन संरक्षक(वन्यजीव) एन.सी. जैन व उप वन संरक्षक श्रीमती राज संदीप की मौजूदगी में हुआ। जिला कलक्टर सिंह ने इस कार्यशाला को बर्डवॉचर्स और वन व पर्यावरण से जुड़े व्यक्तियों के लिए आवश्यक बताते हुए सफलता की कामना की। इस मौके पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. अभिषेक भटनागर, डॉ. सतीश शर्मा, सहायक वन संरक्षक धनपतसिंह व संजय गुप्ता, यूनिसेफ की चाईल्ड प्रोटेक्शन कंसल्टेंट सिंधु बिनुजीत सहित बड़ी संख्या में वन विभागीय अधिकारी व संभागी मौजूद थे।
दिनभर हुआ मंथन:
डॉ. रहमानी की यह वर्कशॉप दिनभर चली और इस दौरान उन्होंने पक्षियों की प्रजातियों, उनके प्रवास, देश में उनकी स्थितियों, गिद्ध संरक्षण कार्यक्रम की वर्तमान स्थिति, पक्षियों के संरक्षण के तरीकों, पक्षी गणना की आवश्यकता, गणना की तकनीक और इसमें ध्यान रखने योग्य बातों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
फिल्ड विजीट भी हुई:
कार्यशाला के दौरान संभागियों को शहर के उदयविलास के समीप नवलखा क्षेत्र में ले जाया गया जहां पर वन क्षेत्र के भीतर पक्षियों की गणना की तकनीक का लाईव डेमो प्रस्तुत किया गया। लाईन ट्रांजेक्ट तकनीक के दौरान उन्होंने यहां पर 15 प्रजातियों के पक्षियों को चिह्नित किया और इनके गणना के तरीकों के बारे में संभागियों को बताया।
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बर्डफेयर और शिल्प सौन्दर्य के संगम को देख अभिभूत हुए रहमानी
सोमपुरा सृजित सारस क्रेन की भेंट से दी रहमानी को विदाई
फोटो संलग्न
डूंगरपुर, 22 दिसंबर/ ‘डूंगरपुर बर्डफेयर’ का समापन भी इसके भव्य आयोजन की भांति अद्भुत रहा। इस दौरान जिला कलक्टर विक्रम सिंह ने इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी शख्सियत के रूप में बोम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के डायरेक्टर डॉ. असद रहमानी को यहां के सोमपुरा शिल्पकार विनय सोमपुरा के हाथों सृजित पारेवा पत्थर की सारसक्रेन के स्मृति चिह्न को प्रदान कर किया। रविवार सायं कलक्टर सिंह ने जब इस प्रतिमा का विमोचन करवाने के उपरांत जब उन्हें यह शिल्प सौंपा तो डॉ. रहमानी ने इस शिल्प को देर तक निहारा और शिल्पकार के कलाकौशल की सराहना की और एक्सीलंेट कहते हुए अभिभूत नज़र आए। मौजूद समस्त अतिथियों और संभागियों ने भी इस शिल्प की सराहना की। इस मौके पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. अभिषेक भटनागर, डॉ. सतीश शर्मा, सहायक वन संरक्षक धनपतसिंह व संजय गुप्ता, यूनिसेफ की चाईल्ड प्रोटेक्शन कंसल्टेंट सिंधु बिनुजीत सहित बड़ी संख्या में वन विभागीय अधिकारी व संभागी मौजूद थे।
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